कपड़ा अदला-बदली साइन-अप फ़ॉर्म
लोग बताते हैं कि कितने और किस साइज़ के कपड़े लाएँगे, ताकि रैक सही से लगें।
इसमें क्या है
फ़ोन नंबर सिर्फ़ छँटाई में मदद करने वालों से पूछा जाता है; बाक़ी सब बस नाम और लाए जाने वाले कपड़े बताते हैं।
- 1आपका नाम
- 2आप कितने कपड़े लाएँगे?
- 3आपके कपड़े किस साइज़ के हैं?XSSMLXL और उससे बड़ेबच्चों के
- 4किस तरह के कपड़े?टॉप और कुर्तेड्रेसडेनिमकोट और जैकेटजूतेबैग और एक्सेसरीज़
- 5क्या आप दोपहर 1 बजे से रैक सजाने में मदद कर सकते हैं?हाँ, मैं जल्दी आ जाऊँगा/जाऊँगीइस बार नहीं
- 6फ़ोन नंबर, ताकि छँटाई की प्रभारी आपसे संपर्क कर सकेंसिर्फ़ तब, जब “क्या आप दोपहर 1 बजे से रैक सजाने में मदद कर सकते हैं?” का जवाब हाँ, मैं जल्दी आ जाऊँगा/जाऊँगी हो
ऐसा मेला कैसे करें जिसमें लोग दोबारा आएँ
साइज़ वाले जवाबों से तय होता है कि रैक कैसे लगें। अगर एक तिहाई लोग XL और उससे बड़े साइज़ ला रहे हैं, तो उन साइज़ों को कोने के बजाय पूरा रैक दें।
दस कपड़ों की सीमा से अदला-बदली बराबरी की रहती है और हॉल भी सँभल जाता है। तीस लोग दस-दस कपड़े लाएँ, तो 300 कपड़े होते हैं, यानी लगभग छह पहिए वाले रैक।
छँटाई वाले मददगार एक घंटा पहले आते हैं। 30 लोगों वाले हॉल के लिए तीन या चार काफ़ी हैं।
मेले से पहले तय कर लें कि बचे हुए कपड़े कहाँ जाएँगे और परिचय में यह लिख दें। जब लोगों को पता होता है कि बाक़ी कपड़े किसी आश्रय गृह को मिलेंगे, तो वे बेहतर कपड़े लाते हैं।
कपड़ा अदला-बदली से जुड़े सवाल
आने वालों की संख्या कैसे सीमित करें?
फ़ॉर्म की सेटिंग में रिस्पॉन्स की सीमा तय करें, जैसे 40। सीमा पूरी होते ही फ़ॉर्म बंद हो जाता है, इसलिए हॉल में कभी भीड़ ज़्यादा नहीं होती। उसके बाद लिंक खोलने वालों को दिखता है कि साइन-अप बंद हैं। कुछ लोग हमेशा उस दिन नहीं आ पाते, इसलिए हॉल की क्षमता से थोड़ी ज़्यादा सीमा रखने पर भी घूमकर देखने की जगह बची रहती है।
क्या इससे बच्चों के कपड़ों की अदला-बदली कर सकते हैं?
हाँ। साइज़ को बच्चों की उम्र में बदल दें, जैसे 0 से 2, 3 से 5 और 6 से 8 साल, और बाक़ी वैसा ही रहने दें। माता-पिता छोटे हो चुके कपड़े इसी तरह बदलते हैं। बच्चों के कपड़े छोटे होते हैं, इसलिए कपड़ों वाले सवाल की ऊपरी सीमा दस से ज़्यादा रखें। अगर टेबल पर खिलौने या किताबें भी चाहिए, तो किस्म वाले सवाल में उन्हें जोड़ दें।
क्या आने वालों को अकाउंट बनाना पड़ता है?
नहीं। वे लिंक खोलकर ब्राउज़र में जवाब देते हैं। आपको अपने रिस्पॉन्स में हर जवाब और कपड़ों की गिनती दिखती है। लिंक मोहल्ले के ग्रुप चैट में शेयर करें, सारे जवाब एक ही जगह आ जाते हैं। दो दिन पहले वहीं याद दिलाने वाला मैसेज डालें और उसमें लिख दें कि कपड़े धुले हुए हों; तब दाग़ वाली कमीज़ें कम आती हैं।











