गुमनाम तारीफ़ फ़ॉर्म

लोग किसी को गुमनाम रहकर अच्छी बातें भेजते हैं, जो हफ़्ते के आख़िर में पढ़कर सुनाई जाती हैं।

इसमें क्या है

नाम सिर्फ़ उन्हीं से पूछा जाता है जो उसे देना चाहते हैं, और आख़िर में धन्यवाद संदेश बताता है कि उनकी बात किस तक पहुँचेगी।

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    यह किसके लिए है?
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    आपकी तारीफ़
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    अपना नाम लिखेंगे?गुमनाम रहने देंमेरा नाम जोड़ें
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    आपका नामसिर्फ़ तब, जब “अपना नाम लिखेंगे?” का जवाब मेरा नाम जोड़ें हो

तारीफ़ों वाला हफ़्ता चलाना

बॉक्स सोमवार को खोलें और तारीफ़ें शुक्रवार को पढ़कर सुनाएँ। दिन तय हो, तो लोग उससे पहले तारीफ़ भेज ही देते हैं।

शेयर करने से पहले जवाब पढ़ लें। गुमनाम रहकर लोग ज़्यादातर अच्छा ही लिखते हैं; जो तारीफ़ न हो, उसे हटा दें।

देखें कि किसे एक भी तारीफ़ नहीं मिली। उनके लिए अपनी तरफ़ से एक तारीफ़ जोड़ें, ताकि हफ़्ते के आख़िर में किसी की सूची ख़ाली न रहे।

तारीफ़ बॉक्स से जुड़े सवाल

क्या यह सच में गुमनाम है?

फ़ॉर्म कोई नाम या ईमेल नहीं पूछता, जब तक भेजने वाला ख़ुद नाम लिखना न चुने। आपको सिर्फ़ वही दिखता है जो उन्होंने लिखा। यह बात परिचय में भी लिखें, क्योंकि भरोसा होने पर लोग ज़्यादा गर्मजोशी और बारीकी से लिखते हैं। छोटी टीम में लिखने का अंदाज़ फिर भी भेजने वाले का इशारा दे सकता है, इसलिए अपनी स्क्रीन घुमाने की जगह बातें पढ़कर सुनाएँ।

क्या इसे विदाई या जन्मदिन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है?

हाँ। पहले सवाल में उस व्यक्ति का नाम लिख दें, या सवाल हटा दें, और तारीफ़ें छापकर उनके लिए एक कार्ड बना दें। अगर सवाल हटाते हैं, तो धन्यवाद वाला टेक्स्ट भी बदलें, क्योंकि उसमें उसी सवाल वाला नाम दोहराया जाता है। लिंक एक हफ़्ता पहले टीम चैट या परिवार के ग्रुप में शेयर करें, और एक दिन पहले बातें छाप लें।

तारीफ़ें कैसे शेयर करूँ?

उन्हें किसी मीटिंग में पढ़कर सुनाएँ, या जवाब एक्सपोर्ट करके हर व्यक्ति को उसके लिए लिखी बातें भेजें। एक्सपोर्ट को “किसके लिए” वाले कॉलम से सॉर्ट करें, ताकि हर व्यक्ति की तारीफ़ें एक साथ रहें। शांत स्वभाव के लोग अक्सर सबके सामने सुनने की जगह अपनी सूची वाला एक निजी मैसेज पसंद करते हैं।